News.30.05.2020_C


संभागीय जनसम्पर्क कार्यालय जबलपुर
मध्य प्रदेश शासन
समाचार
बड़ी संख्या में कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने पर संभागायुक्त ने की मेडिकल में उपलब्ध सुविधाओं की तारीफ
जबलपुर, 30 मई, 2020
     संभागायुक्त श्री महेशचन्द्र चौधरी ने जबलपुर में बड़ी संख्या में कोराना मरीजों के स्वस्थ्य होने पर मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की सराहना की है तथा यहां के चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टॉफ को बधाई दी है । श्री चौधरी आज मेडिकल कॉलेज के डीन कार्यालय में चिकित्सा अधिकारियों की आयोजित बैठक में यहां कोरोना मरीजों के उपचार के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्ष कर रहे थे ।
संभागायुक्त ने जबलपुर में कोरोना मरीजों के रिकवरी रेट को प्रदेश भर में सबसे बेहतर बताया है । बैठक में अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ.प्रदीप कसार, अधीक्षक डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. जीतेन्द्र भार्गव, सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा आदि मौजूद थे ।  संभागायुक्त श्री चौधरी ने बैठक में मेडिकल कॉलेज में आने वाले समय में कोरोना से निपटने की गई तैयारियों पर भी चिकित्सा अधिकारियों के साथ चर्चा की । उन्होंने जबलपुर के आसपास के जिलों में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में सभी जरूरी व्यवस्थायें करने के निर्देश दिये हैं ।  संभागायुक्त ने कहा कि जबलपुर के आसपास के जिलों के कोरोना मरीजों का दबाव भी मेडिकल कॉलेज पर ही पड़ेगा ।  इस लिहाज से यहां बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ नर्सिंग स्टॉफ और पैरामेडिकल स्टॉफ की संख्या भी बढ़ानी होगी ।
     संभागायुक्त ने बैठक में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों के बारे में भी जानकारी ली ।  श्री चौधरी को बैठक में बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा उपकरणों एवं नई-नई मशीनों की उपलब्धता की स्थिति भी बेहतर हुई है ।  बैठक में बताया गया कि मेडिकल कॉलेज में अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित कोरोना मरीजों के उपचार में हाई-फ्लो ऑक्सीजन केन्यूला मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है । अधिक क्षमता में ऑक्सीजन सप्लाई वाली ऐसी दो मशीनें मेडिकल कॉलेज को मिल चुकी है तथा दो और शीघ्र मिलने वाली हैं ।  ये मशीनें कोरोना मरीजों के इलाज में वेंटीलेटर से ज्यादा उपयोगी साबित हो रही है । हाई-फ्लो ऑक्सीजन केन्यूला मशीनों के अलावा मेडिकल कॉलेज को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए तीस में से पन्द्रह बाय-पेप मशीनें और दस सी-पेप मशीनें भी मिल चुकी हैं ।  पन्द्रह बाय-पेप मशीनें जल्दी ही आने वाली हैं ।  इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज को एबीजी मशीन और इसकी किट भी प्राप्त हो गई है ।  इससे कोरोना पेशेंटों की अन्य बीमारियों संबंधी जांचें भी अब मेडिकल कॉलेज में ही की जा सकेंगी ।
     संभागायुक्त ने बैठक में मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब और आईसीएमआर लैब्‍ के सेम्पल परीक्षण की क्षमता की समीक्षा भी की । उन्हें बताया गया कि मेडिकल कॉलेज की बायरोलॉजी लैब्‍ में तीन शिफ्टों में सेम्पलों की जांच की जा रही है ।  प्रतिदिन 150 सेम्पल की जांच यहां की जा सकती है ।
     संभागायुक्त ने इस मौके पर कोरोना मरीजों के उपचार कर रहे मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टॉफ एवं पैरामेडिकल स्टॉफ क्वारेन्टीन की सुविधा की जानकारी भी ली । उन्होंने चिकित्सकों एवं स्टॉफ को मेडिकल कॉलेज के नये बने गर्ल्स एवं बॉयज हॉस्टल में क्वारेंटीन करने तथा यहां अच्छी से अच्छी सुविधायें उन्हें उपलब्ध कराने के निर्देश दिये ।
क्रमांक/4619/मई-428/जैन 

सार्थक एप पर दर्ज करें फीवर क्लीनिक में उपचार कराने वालों का डाटा - श्री यादव
मेडिकल मोबाईल यूनिट और कांटेक्ट ट्रेसिंग टीमों के सदस्यों के प्रशिक्षण के कलेक्टर ने दिए निर्देश
जबलपुर, 30 मई, 2020
      कलेक्टर भरत यादव ने जिले में स्थित शासकीय एवं निजी अस्पतालों में बनाये गये फीवर क्लीनिकों में उपचार के लिए आने वाले सर्दी, खांसी, बुखार एवं सांस लेने में तकलीफ वाले मरीजों का डेटा सार्थक एप पर भी दर्ज करने के निर्देश दिये हैं ।  श्री यादव आज कलेकटर कार्यालय में आयोजित मेडिकल मोबाइल यूनिट एवं कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए गठित टीमों के प्रशिक्षण को संबोधित कर रहे थे।
      कलेक्टर ने प्रशिक्षण में कहा कि हाई रिस्क के रूप में चिन्हित व्यक्ति एवं कोरोना पाजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों की तलाश का काम भी सार्थक एप के माध्यम से किया जाए। श्री यादव ने मेडिकल मोबाइल यूनिटों को हाई रिस्क एवं होम क्वारेंटीन में रखे गए लोगों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वारेंटीन का उल्लंघन करते मिले तो उन पर पहली बार दो हजार रूपए का जुर्माना लगाएं। होम क्वारेंटाइन का दोबारा उल्लंघन करने वाले लोगों को सीधे संस्थागत क्वारेंटाइन सेंटर भेजा जाए और उसके विरूद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
      मेडिकल मोबाइल और कांटेक्ट ट्रेकिंग टीमों के इस प्रशिक्षण में जिला पंचायत के सीईओ प्रियंक मिश्रा, डॉ नीलम टोप्पो, डॉ शत्रुध्न दाहिया, डॉ अमृता अग्रवाल आदि मौजूद थे। प्रशिक्षण में मेडिकल मोबाइल यूनिट और एडवांस कांटेक्ट ट्रेसिंग टीमों को सार्थक एप में डाटा दर्ज करने की ट्रेनिंग भी दी गई।
क्रमांक/4620/मई-429/जैन॥

सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने के नियमों का पालन नहीं करने वाले 113 लोगों
पर 23 हजार रूपए का जुर्माना
जबलपुर 30 मई 2020
कलेक्टर भरत यादव के निर्देश पर गठित अलग-अलग विभाग के अधिकारियों की टीम ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने, बिना मास्क के सार्वजनिक स्थलों में घूमने और बिना मास्क लगाए कारोबार करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए आज शनिवार को 113 व्यक्तियों से 23 हजार 50 रूपए की जुर्माना राशि की वसूली की है।
      सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने के नियमों का सख्ती से पालन कराने की आज की गई इस कार्यवाही में रांझी अनुविभाग के अंतर्गत 11 प्रकरणों में एक हजार 100 रूपए की जुर्माना राशि वसूल की गई है। इसी तरह गोरखपुर अनुविभाग में 4 प्रकरणों में 400 रूपए, पाटन में 9 प्रकरणों में 2 हजार 250 रूपए और जबलपुर ग्रामीण में 41 प्रकरणों में 9 हजार 500 रूपए का जुर्माना वसूला गया। जबकि सिहोरा अनुविभाग में 7 प्रकरणों में 900 रूपए की राशि वसूली गई। वहीं कुण्डम अनुविभाग में 41 प्रकरणों में 8 हजार 900 रूपए की जुर्माना राशि की वसूली की गई।
क्रमांक/4621/मई-430/जैन॥

अब तक प्राप्त हुई वेतन न देने तथा छटनी करने संबंधी
112 शिकायतों में से 111 निराकृत
जबलपुर, 30 मई, 2020
     लॉकडाउन की समयावधि का वेतन न देने, वेतन में कटौती करने अथवा छटनी करने की निजी नियोक्ताओं एवं व्यावसायिक संस्थानों के खिलाफ जिला प्रशासन को अब तक मिली 112 शिकायतों में से 111 निराकृत की जा चुकी हैं ।
     सहायक श्रमायुक्त जे.एस. उद्दे के अनुसार प्राप्त हुई शिकायतों में संबंधित नियोक्ताओं एवं संस्थानों को कर्मचारियों का वेतन न काटने और छटनीन करने की हिदायत दी गई है ।  इसके बावजूद भी यदि कर्मचारियों का वेतन काटा जाता है अथवा कटौती या छटनी की जाती है तो उन्हें वैधानिक कार्यवाही की चेतावनी दी गई है ।
     सहायक श्रमायुक्त ने बताया कि 112 प्राप्त शिकायतों में एक शिकायत पर संबंधित नियोजक से प्रतिवेदन मांगा गया है ।  ज्ञात हो कि कलेक्टर भरत यादव ने कर्मचारियों को लॉकडाउन की अवधि का वेतन का भुगतान नहीं करने संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए सहायक श्रमायुक्त जे.एस. उद्दे को अधिकृत किया गया है ।
क्रमांक/4622/मई-431/जैन

बरगी के वार्ड नंबर सात को बनाया कंटेनमेंट जोन
जबलपुर, 30 मई, 2020
     कोरोना पॉजिटिव के कारण पाये जाने पर बरगी के वार्ड नंबर सात को नया कंटेनमेंट जोन बनाया गया है ।  कलेक्टर श्री भरत यादव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने कंटेनमेंट जोन बनाये जाने के बाद यहां आवाजाही पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा दिया गया है ।  लोगों को घरों में रहने के निर्देश दिये गये हैं तथा सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाने एवं सभी एहतियात बरतने की हिदायत दी गई है । कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं । बरगी के वार्ड नंबर सात को कंटेनमेंट जोन बनाये जाने के बाद जबलपुर जिले में कुल कंटेनमेंट जोन की संख्या तेरह हो गई है । इनमें बारह जबलपुर शहर के है ।
क्रमांक/4623/मई-432/जैन

अभिभावकों पर फीस चुकाने का दबाव डालने की शिकायतों में 35 शिकायतें निराकृत
जबलपुर, 30 मई, 2020
     निजी शिक्षण संस्थाओं द्वारा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों पर फीस जमा करने डाले जा रहे दबाव से संबंधित 35 शिकायतों का निराकरण जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा किया गया है ।
     जिला शिक्षा अधिकारी एस.के. नेमा के मुताबिक अभिभावकों से निजी शिक्षण संस्थाओं के विरूद्ध लॉकडाउन की अवधि की स्कूल फीस चुकाने एस.एम.एस. भेजकर दबाव डालने की 35 शिकायतें प्राप्त हुई थी । इन सभी शिकायतों पर संबंधी शैक्षणिक संस्थान के प्रबंधन को शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए फीस चुकाने के लिए अभिभावकों पर दबाव न बनाने की हिदायत दी गई है ।
     जिला शिक्षा अधिकारी के मुताबिक स्कूल फीस चुकाने का दबाव डालने के अलावा निजी शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टॉफ से भी अप्रैल माह का वेतन न दिये जाने अथवा वेतन में कटौती करने एवं नौकरी से निकाले जाने की 16 शिकायतें प्राप्त हुई हैं ।  इनमें से 12 शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है जबकि चार शिकायतें निराकरण के लिए लंबित हैं ।
क्रमांक/4624/मई-433/जैन

News.30.05.2020_B

संभागीय जनसम्पर्क कार्यालय जबलपुर
मध्य प्रदेश शासन
समाचार
पीसीसीएफ श्री पी.सी. दुबे राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड में सदस्य बने
जबलपुर, 30 मई, 2020
केन्द्रीय आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड ने प्रोजेक्ट स्क्रीनिंग कमेटी का पुनर्गठन किया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख पंजाब श्री जितेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में गठित बोर्ड में मध्यप्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री पी.सी. दुबे को सदस्य (क्षेत्र विशेषज्ञ) के रूप में शामिल किया गया है। समिति माह में एक बार होने वाली बैठक में सर्वेक्षण जैव विवि‍धता संरक्षण, विपणन आदि के औषधीय पौधों के प्रोजेक्ट से संबंधित प्रस्तावों का निराकरण करेगी।
समिति में सदस्य के रूप में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया कोलकाता के संचालक, आईसीएआर नई दिल्ली, सीएसआईआर नई दिल्ली, केन्द्रीय आयुष मंत्रालय, केन्द्रीय बॉयोटेक्नालॉजी विभाग, नार्थ ईस्टर्न काउंसिल सेक्रेटरिएट शिलांग और डॉ. एन.बी. बृन्दावनम विशाखापटनम शामिल किया गया है। राष्ट्रीय औषधि पादप बोर्ड के कार्यपालन अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होंगे। ट्राइफेड के प्रतिनिधि, राजस्थान के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. दीप नारायण पाण्डेय, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ नई दिल्ली के पूर्व निदेशक डॉ. वी.वी. प्रसाद और अध्यक्ष एएमएमओआई केरल डॉ. डी. रामनाथन विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे।
औषधीय पौधों के उत्पादन और विपणन में रुचि रखने वाले लोग और कंपनियाँ समिति के समक्ष प्रस्ताव भेज सकेंगी। इससे गुग्गल, एलोवीरा, सलई, पाडर आदि प्रोजेक्ट के संबंध में प्रस्ताव भेजकर आय का अतिरिक्त साधन बढ़ा सकते हैं।
क्रमांक/4614/मई-423/मनोज

विभिन्न 5 विकास कार्यों पर 6.25 करोड़ से ज्यादा राशि होगी खर्च
जबलपुर, 30 मई, 2020
राज्य शासन द्वारा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से जबलपुर संभाग के नरसिंहपुर जिले में 6 करोड़ 25 लाख 76 हजार की लागत से सड़क निर्माण, कोर्ट रूम उन्नयन, गौ-शाला निर्माण और सड़क मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग, नरसिंहपुर ने बताया कि गाड़रवारा उपसंभाग के अंतर्गत घघरोला से सिंहपुर तक 4.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 3 करोड़ 27 लाख 43 हजार, मऊ से आड़ेगाँव तक 4.10 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 2 करोड़ 76 लाख 32 हजार, नरसिंहपुर में बाल मैत्रीपूर्ण कोर्ट रूम में मौजूदा कोर्ट रूम के उन्नयन के लिए 11 लाख 67 हजार रूपए, करेली-इमलिया कोदसा और पलोहा से कटनी मार्ग की मरम्मत पर 5 लाख 34 हजार की राशि खर्च की जाएगी। इसी तरह हरिहर आश्रम सतधारा के पास 5 लाख रूपए की लागत से गौ-शाला का निर्माण कराया जाएगा।
क्रमांक/4615/मई-424/मनोज

लॉकडाउन अवधि में प्रदेश में 57 हजार से ज्यादा सुधारे गए हैंड पम्प
जबलपुर, 30 मई, 2020
प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में गर्मी के मौसम में आम लोगों को पेयजल उपलब्ध कराये जाने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गत दो माह में लॉकडाउन की अवधि में 57 हजार 799 हैण्डपम्पों का सुधार कार्य करवाया गया है। इसके अलावा 10 हजार 365 ऐसे हैंडपम्प जहाँ का जल स्तर नीचे चला गया था वहाँ 51893 मीटर राईजर पाइप बढ़ाकर हैण्डपम्पों को चालू कराया गया। इसके अलावा 370 बसाहटों में जहाँ हैण्डपम्पों में जल स्तर बहुत नीचे चला गया था किन्तु नलकूप में आवक क्षमता पर्याप्त थी वहाँ पर सिंगल फेस मोटर पंप को स्थापित कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया गया है। साथ ही 532 बसाहटों में नवीन नलकूप खनन कर हैण्डपम्प स्थापित किये गये और 154 खराब हैण्डपम्प प्लेटफार्म का पुनर्निर्माण भी कराया गया।
प्रमुख अभियंता श्री के.के.सोनगरिया ने बताया कि प्रदेश में 16 हजार 2633 नल-जल योजनाएँ संचालित हैं। इनमें से 14 हजार 905 योजनाएँ चालू हैं। बंद नल-जल योजनाओं में से 176 योजनाओं में स्त्रोत पर ही पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा स्थानीय ग्राम पंचायतों के सहयोग से 256 बंद नल-जल योजनाओं को चालू करवाया गया है। जबकि स्त्रोत असफल होने से विभाग ने बंद 85 योजनाओं में नवीन स्त्रोत का निर्माण कर पंचायतों के माध्यम से चालू कराया है। इस प्रकार 341 नल-जल योजनाएँ चालू की गई हैं।
अधिकतम 15 दिवस में सुधारे जाते हैं बंद हैण्डपम्प
प्रमुख अभियंता ने बताया कि प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख 28 हजार 489 ग्रामीण बसाहटों में पेयजल की व्यवस्था के लिए प्रत्येक जिले में खण्ड/उप खण्ड कार्यालय स्थापित हैं। हैण्डपम्प बिगड़ने पर विभागीय व्यवस्था के अंतर्गत सामान्य खराबी से बंद हैण्डपम्पों को 7 दिन में और विशेष खराबी से बंद हैण्डपम्पों को तकनीकी स्टाफ द्वारा अधिकतम 15 दिन में सुधार कर चालू कर दिया जाता है।
समस्या-ग्रस्त 13 हजार से अधिक बसाहटों को किया गया चिन्हांकित
प्रमुख अभियंता श्री सोनगरिया ने बताया कि गर्मी के मौसम को दृष्टिगत पहले से ही संभावित पेयजल समस्या ग्रसित होने वाली 13 हजार 963 बसाहटों को चिन्हांकित कर लिया गया है। जिनकी जनसंख्या 87 लाख 51 हजार 281 है। इनमें से 4276 बसाहटों में नवीन नलकूप खनन की कार्रवाई की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर 283 ग्रामीण नल-जल योजनाओं में पाईप लाईन बढ़ाकर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही 4081 हैण्डपम्पों पर सिंगल मोटर पंप स्थापित किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। एक हजार 733 नल-कूपों में हाईड्रोफ्रैक्चरिंग की जाएगी। इन सबके बाद भी यदि किसी बसाहट में पेयजल की उपलब्धता नहीं होने पर समीप के जल उपलब्धता वाले स्थान से परिवहन कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराया जायेगा।
क्रमांक/4616/मई-425/मनोज

संग्राहकों से 1582 क्विंटल महुआ फूल खरीदा गया
जबलपुर, 30 मई, 2020
राज्य लघु वनोपज संघ ने संग्रहण वर्ष 2020 में संग्राहकों से बढ़ी दर पर अब तक 1582 क्विंटल महुआ फूल खरीदा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य 35 रूपये प्रति किलो की दर से खरीदे गए फूल से संग्राहकों को 55 लाख 37 हजार रूपये की आय हुई है। उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गत माह महुआ फूल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रूपये प्रति किलो से बढ़ाकर 35 रूपये करने के निर्देश दिये थे।
महुआ फूल का चिकित्सकीय और औषधीय रूप से काफी महत्व है। इसके फल-फूल, पत्ती, लकड़ी, सभी का प्रयोग होता है। ह्रदय, लिवर, कैंसर, अल्सर, ब्रोंकाईटिस, बुखार आदि अनेक रोगों में महुआ और महुए के फूल का उपयोग किया जाता है। महुआ फूल का उपयोग देशी मदिरा बनाने में भी किया जाता है। महुआ का पेड़ आदिवासियों में काफी लोकप्रिय है।
क्रमांक/4617/मई-426/मनोज

पलाश और कुसुम लाख के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि
जबलपुर, 30 मई, 2020
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के पालन में राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा पलाश और कुसुम लाख के लिये निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्यों में वृद्धि की गई है। अब संग्राहकों से पलाश लाख 150 रूपये प्रति किलो के बजाय 200 रूपये प्रति किलो और कुसुम लाख 230 रूपये की जगह 275 रूपये प्रति किलो न्यूनतम समर्थन मूल्य की दर से खरीदा जायेगा।
राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा संग्रहण वर्ष 2020 के लिये पुनर्निधारित दरें एवं उनमें हुई बढ़ोत्तरी इस प्रकार हैं :
क्रं
लघु वनोपज
पुरानी दर राशि रूपये
नवीन दर राशि रूपये
बढ़ोत्तरी का प्रतिशत
1.
अचार गुठली
109
130
19%
2.
पलाश लाख
130
200
53%
3.
कुसुम लाख
203
275
35%
4.
हर्रा
15
20
33%
5.
बहेड़ा
17
25
47%
6.
बेल गुदा
27
30
11%
7.
चकोड बीज
14
20
42%
8.
शहद
195
225
15%
9.
महुआ फूल
30
35
16%
10.
महुआ बीज
30
35
16%
11.
करंज बीज
35
40
14%
12.
नीम बीज
23
30
30%
13.
साल बीज
20
20
-
14.
नागरमोथा
27
35
29%
क्रमांक/4618/मई-427/मनोज